Monday, December 8, 2025
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प्रभु पुकार
हंसता जमाना मुझपे, मारे है ताना। कह के चिढ़ाए, तेरा कहां गया कान्हा।। आश लगाए अंखियां, खोजे चहुं ओर। बैठा है तू छुप के, कहां चित...
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तुम बहुत सताते हो 🩷💜🩷💜🩷💜 पहली मोहब्बत का, पहला इजहार किया। पलकों में बिठाया मुझे, बहुत प्यार किया। मेरी खामोशी में भी तु...
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नवयौवना सजी है सोलह श्रृंगार से, प्रियतम के मन हरने को । लाज है अधरों पर शोभित, व्याकुल मन है प्रिय के आलिंगन में बि...
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प्रेमी की नज़र में मैं वफ़ा-दार नहीं हूँ माँ से दग़ा करने को मैं तैयार नहीं हूँ पगड़ी पिता की रौंद के मैं इश्क़ निभाऊँ कैसे करूँ ये जुर्म, मैं गद...
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